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Friday, 14 February 2020

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February 14, 2020 0

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Wednesday, 22 January 2020

अर्धचालको के प्रकार , विद्युत रोधन, N type semiconductor or P type semiconductor

January 22, 2020 0

चालक :-

जिन पदार्थों में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिक पाई जाती है तथा उनकी चालकता उच्च होती है उसे चालक कहते हैं जैसे टावर का पास होना अल्मुनियम आदि|

विद्युत रोधन:-

विद्युत वर्धन होते हैं जिनमें मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या नहीं पाई जाती है तथा इनमें विद्युत क्षेत्र लगाने पर आवेश का प्रभाव भी नहीं होता है विद्युत रोधक कहलाते हैं आता इन पदार्थों की विद्युत चालकता निम्न तथा प्रतिरोधकता उच्च होती है जैसे लकड़ी ग्लास रबर माइका आदि|

अर्धचालक:-

जिन पदार्थों की चालकता और और विद्युत रोधक के बीच होती है अर्धचालक  चालक कहलाते हैं जैसे सिलिकॉन जर्मीनियम |

डोपिंग(Doping):-

जब किसी यह काका शुद्ध अर्धचालक में अशुद्धि मिलाई जाती है तो उसे डोपिंग कहते हैं|

अर्धचालको के प्रकार :-

1.एंट्री जिक

2.एक्सट्री जिक

1.एंट्री जिक:-

अर्ध चालक सिलिकॉन अथवा जर्मीनियम का शुद्ध क्रिस्टल जिसमें केवल मूल पदार्थ के ही परमाणु हो एंट्रीजिक कहते हैं|

2.एक्सट्री जिक :-

शुद्ध अर्धचालक समान ताप पर कुचालक की भांति कार्य करता है जिसके कारण सुधार चालक उपयोगी नहीं होता है इसको उपयोगी बनाने के लिए इसमें अशुद्धि मिलाई जाती है यह अशुद्धि त्रि संयोजी या पंच संयोजी होती है इस प्रकार प्राप्त अशुद्ध अर्धचालक को एक्सट्रीजिक कहते हैं|

N टाइप अर्धचालक:-

जब किसी शुद्ध चालक ने 5 संयोजक वाले तत्वों के परमाणु जैसे फास्फोरस आसैनिक एंटी मनीआदि को मिलाया जाता है तो इस प्रकार प्राप्त अर्धचालक को जैन प्रकार अर्धचालक कहते हैं| यन प्रकार के अर्धचालक में बहुत संख्या आवेश वाहन होते हैं

P टाइप अर्धचालक:-


किसी शुद्ध जगबीर तृतीय ग्रुप( तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन) के परमाणु जैसे बोरान गैलियम या इंडियम, मिलाकर पीP प्रकार के अर्धचालक प्राप्त किया जाता है|

Tuesday, 14 January 2020

K. P. hindu Inter College Pratapgarh ( U.P) Bela Devi Road Near District Hospital Pratapgarh

January 14, 2020 0
K . P . HINDU  INTER  COLLEGE  PRATAPGARH ( U.P)

FULL ADDRESS:-
Road Bela devi  Kasiram karoni ke bagal Disrict Hospital pratapgarh.

COLLEGE OPENED :- 1972

PRINCIPAL :- MAHENDRA PRATAP SINGH

Pincode :- 230001 COLLEGE TOTAL CLASSROOM( कॉलेज की कुल कक्षा) :-  

Krishna Pratap Hindu Inter College me 6th class se lekar 12 th class room tak hai. Es college

 6th se 12th tak classroom bahut sare section hai.

6th me 3section hai (6A, 6B, 6C) 

7th me 3 section hai ( 7A , 7B, 7C)

8th me 3 section hai ( 8A, 8B, 8C)

9th me 6 section hai  ( 9A COMPUTER  , 9B SANSKIRT,N 9C SANGIT,   9D COMMERCE ,

9E AGRICULTURE, 9F ART.

10th me 6 section hai

 ( 9A COMPUTER  , 9B SANSKIRT,N 9C SANGIT,   9D COMMERCE ,

9E AGRICULTURE, 9F ART.

11th me 5 section hai

11A ART SIDE, 11B COMPUTER SIDE, 11C SCIENCE SIDE WITH MATH OLD 

STUDENT, SCIENCE SIDE WITH MATH NEW STUDENT, 11E SCIENCE SIDE WITH 

BIOLOGY .

FEE(शुल्क):-    Minimum 1600 Rupees par Years                                                                                   Maximum  2400 Rupees par Years

Practical Fee :-   Per Suject Minimum 100 Rupees

                             Per Suject Maximum 200 Rupees

building :-      Double floor 

Experiment classroom :-  Physics Lab , Chemistry Lab,  Biology Lab.

Total Classroom :-  48 Rooms,

Prayar  Field and played Field , playing game , bollyboll, kusati 

N. S .S :-  

राष्ट्रीय सेवा योजना (National Service Scheme-NSS)


Saturday, 28 December 2019

कूलाम का नियम (coulam's law

December 28, 2019 0

कूलाम का नियम(Coulam's law

निर्वात में स्थित किन्ही दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच कार्य करने वाला विद्युत बल (आकर्षण अथवा प्रतिकर्षण) दोनों आदेशों की मात्राओं के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती एवं उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती  होती है

माना निर्वात में स्थित दो बिंदु आवेश q1 तथा q2 हैं जिसके बीच की दूरी r है अतः कूलाम के नियम अनुसार दोनों आवेशों के बीच कार्य करने वाला विद्युत बल
                                            F  =  q1 . q2
तथा
F = 1/ r2
अत:
F = q1.q2/ r2
F = k q1.q2/r2
यहां K एक नितांत है जिसे स्थिर विद्युत बल नियतांक कहते हैं
S . I पद्धति में K = 1/ 4πEo = 9.10-9  न्यूटन मीटर/ कूलाम2
अत: F = 1/4πEo . q1.q2/r2
 यदि बिंदु आवेशों को निर्वात से हटाकर किसी ऐसे माध्यम में रख दिया जाए जहां परावैद्युतांक हो तब आवेशों के बीच कार्य करने वाला विद्युत बल
                        F1  = 1/ 4πΠEo . q1.q2/r2
    यहां Eo निर्यात की विद्युत शीलता है Eo =8.85×10-12 कूलाम/ N.m2
Note:- दो बिंदु आवेशों के बीच विद्युत बल का मान निर्वात मे सबसे अधिक होता है आवेश को विद्युत से हटाकर किसी अन्य माध्यम में रख देने पर विद्युत बल का मान घट जाता है|

परावैद्युतांक( dielectric) :-   किसी माध्यम की विद्युत E निर्वात की विद्युतशीलता Eo के अनुपात को निरपेक्ष विद्युतशीलता अथवा परावैद्युत K कहते हैं

E/Eo = er= K

ओम के नियम का वेक्टर स्वरूप :-


माना स्थिर बिंदु आवेशों q1 तथा q2 निर्वात में है एक दूसरे से r दूरी पर बिंदु A व B पर स्थित है| माना आवेश q1 का मूल बिंदु के सापेक्ष स्थिति विक्टर r1 है तथा q2 का मूल बिंदु के सापेक्ष स्थित विक्टर r2 है

मान आवेश q1 से  q2 की ओर अंकित करने के लिए एकांक विक्टर r2 है|

अतः q2 द्वारा आवेशq1 पर कार्य करने वाला विद्युत बल
F12 =1/4πΠEo . q1.q2/|r12|2. r^2×|r21|/r21
F21 = 1/4πΠEo .q1.q2/|r2|3. r21
ΔOAB मे ,
OB + BA = OA
BA = OA + OB
r21 = r1 - r2
अत:
F12 = 1/4πΠEo . q1.q2/ |r2 -r1|3 . (r2 - r1)
इस प्रकार आवेश द्वारा पर कार्य करने वाला विद्युत बल
F21 = 1/4πΠEo . q1.q2/|r2 -r1|3 . (r2 -r1)

Friday, 20 December 2019

विद्युत क्षेत्र( Electrical Field) And विद्युत बल रेखाओं के गुण(Properties of electric force lines):-

December 20, 2019 0

विद्युत क्षेत्र( Electrical Field):-

 किसी आवेश व समुदाय के चारों ओर का वह क्षेत्र यहां पर कोई अन्य आवेश अपने ऊपर आकर्षण अथवा प्रतिकर्षण बल का अनुभव करता है उसे वैद्युत क्षेत्र कहते हैं

विद्युत बल रेखाएं(


विद्युत बल रेखाएं क्षेत्र में विद्युत क्षेत्र में खींची गई वह काल्पनिक एवं निष्काेण वक्र है जो स्वतंत्र एवं पृथककित एकांत धन आवेश के चलने की दिशा को प्रदर्शित करती है

विद्युत बल रेखाओं के गुण(Properties of electric force lines):- 

(1) विद्युत बल रेखाएं धन आवेश से प्रारंभ होकर ऋणआवेश समाप्त होती हैं|
(2) वैद्युत बल रेखाओं के किसी बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिंदु पर वैद्युत क्षेत्र की दिशा को प्रदर्शित करती है|
(3) कोई भी दो विद्युत बल रेखाएं कभी भी एक दूसरे को काटती नहीं हैं| क्योंकि काटने की स्थिति में दोनों रेखाओं के कटान बिंदु पर क्षेत्र की दो रेखाएं होगी जो कि असंभव है|
(4) विद्युत बल रेखाएं अपनी लंबाई की दिशा में सिकुड़ने का प्रयास करती हैं जिसके कारण विपरीत आवेशों के बीच आकर्षण होता है|
(5) विद्युत बल रेखाएं अपनी लंबाई की लंबवत दिशा में दूसरे से घटने का प्रयास करती हैं जिसके कारण समान आवेशों के बीच प्रतिकर्षण होता है|

विद्युत क्षेत्र की तीव्रता( Electric field intensity):-

 विद्युत क्षेत्र में किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता E उस पर बिंदु पर रखें धन परीक्षण आवेश पर कार्य करने वाले बल F तथा परीक्षण आवेश की मान q अनुपात के बराबर होता है|
                              E  =F/q
                        मात्रक:- न्यूटन/ कूलाम

Note:- 

वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता एक सदिश राशि है जिसकी धन परीक्षण आवेश पर कार्य करने वाले बल के अनुदिश होती है| 


  बिंदु आवेश के कारण किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता(Intensity of electric field at a point due to point charge):-

 माना निर्वात में स्थित मनीष भारत में स्थितO पर पर बिंदु आवेश +q स्थित है माना आवेश +q के r दूरी पर स्थित कोई बिंदु P है जिस पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात करनी है|

                           माना बिंदु पी पर एक धन परीक्षण आवेश +qo स्थित है अतः परीक्षण आवेश +q पर आवेश +qo के कारण कार्य करने वाला विद्युत बल
                                 F = 1/4πEo . qqo/r2
अतः परिभाषा के अनुसार P बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता
                                            E = F/qo
                       E = 1/4πEo/qo . q.qo/r2
                                 E = 1/4πEo . q/r2

कई बिंदु आवेशों अथवा आवेश समुदाय के कारण बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता(The intensity of the electric field at the point due to multiple point charges or charge community):-

कई बिंदु आवेशों के कारण किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता प्रत्येक आवेश के द्वारा उस बिंदु पर उत्पन्न अलग-अलग तीव्रताओ के सदिश योग के बराबर होती है|
                              E = E1+ E2+ E3 + E4


Tuesday, 17 December 2019

adark अदरक ke fadey in hindi me|

December 17, 2019 0

अदरक  जुकाम के कारण सिरदर्द में सोंठ को गर्म पानी में पीसकर लेप करने सेलाभ होता है।
पिसी सौंठ को सूंघने से छीके आकार भी सिरदर्द में राहत मिलती है।
सोंठ और लहसुन की 1-1 गाँठ पानी के साथ पीसकर सुन्न हाथ-पैर पर लेप करने से लाभ होता है। प्रात: काल निराहार जरा-सी सोंठ और लहसुन की 2 कली प्रतिदिन 10 दिन तक सेवन करें। 


11 ग्राम पिसी सोंठ और जरा सी हींग और सेंधा नमक की फंकी गर्म पानी से सेवन करने पर पेट दर्द दूर होता है। - 1 चम्मच पिसी सोंठ और सेंधा नमक 1 गिलास पानी में गरम करके सेवन करने से कब्ज, पेट दर्द अपच दूर हो जाता है। अदरक को घी में तलकर खाने से दमा रोग में लाभ होता है।

12 ग्राम अदरक के टुकड़े करके 250 ग्राम पानी में दूध और शक्कर मिलाकर, उबालकर सेवन करने से खांसी और जुकाम दूर हो जाता है। 

घी में गुड़ डालकर गर्म करके एक रस हो जाने पर 12 ग्राम पिसी सौंठ मिलाकर खाली पेट प्रात:काल सेवन करने से खांसी-जुकाम दूर हो जाता है। -

 3 ग्राम सौंठ को दिन में एक बार पानी के साथ फाँकने से दाँत का दर्द, मसूढ़े फूलने पर लाभ होता है। सर्दी के कारण दाँत में दर्द होने पर अदरक पर नमक डालकर दांत के नीचे रखने से दर्द दूर होता है।

अदरक में छेद बनाकर चने के बराबर हींग भरकर कपड़े में लपेटकर सेंकने से लाभ होता है। इनको मटर के दाने जैसी गोलियां बनाकर दिन में 1-1 करके 8 गोलियां तक चूसने से स्वरभंग में लाभ होता है।

 अदरक का रस शहद में मिलाकर चूसते रहने से गले की बैठी आवाज़ खुल जाती है। आधा चम्मच अदरक का रस प्रत्येक आधा-आधा घंटे के बाद सेवन करने से खट्टी चीजें खाने से बैठा गला खुल जाता है। 

अदरक के रस को शहद 30-30 ग्राम हल्का गरम करके प्रतिदिन 3 बार 10 दिनों तक सेवन करने से दमा-खांसी में लाभ होता है।जुकाम, गला बैठना आदि में भी लाभकारी है। 

1 चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच घी मिलाकर सेवन करने से वात दर्द, कमर दर्द, जांघ और गृधसी दर्द में लाभ होता है। - अदरक को पीसकर गर्म करके चोट लगे स्थान पर लेप करके पट्टी।

Wednesday, 30 October 2019

कमर दर्द की आयुर्वेदिक दवा|

October 30, 2019 0

कमर दर्द:-


1 दो चम्मच अदरक का रस प्रातः काल खाली पेट सेवन करने से कमर दर्द में राहत मिलती है|

2.गुड और अजवाइन का सेवन करने से प्रसूत अवस्था मैं कमर दर्द दूर होता है गर्भाशय की शुद्धि खून साफ होता है| 3.भूख लगती है दर्द से और रुक कर आने वाले मासिक धर्म की शिकायत भी दूर होती है अजवाइन दो बार गर्म दूध से ले यदि रक्त खुल के न आ रहा हो|

4. कट्टर oil साथ 5 मिलीग्राम दूध के साथ मिलाकर पीने से कमर दर्द दूर हो जाता है|

5. 5 उबले में खजूर में 5 ग्राम मेथी डालकर पीने से कमर दर्द हो जाता है|

6. मेथी को भीगा कर सुबह सेवन करने से कमर दर्द में लाभ होता है|



Tuesday, 22 October 2019

(About stomach ache )पेट में दर्द हो गया है इलाज

October 22, 2019 0

पेट का दर्द :-

पेट दर्द एक बहुत ही कठिन दर्द होता है कभी-कभी पेट दर्द जाता है कि इतना बढ़ जाता है कि हमें विभिन्न प्रकार के उपाय करने पड़ते हैं यह उपाय आपके लिए लेकर आया हूं आप लोग पेट दर्द से निरोग रहे |


1. सोंठ , हींग और काला नमक सब का चूर्ण बनाकर सेवन करने से गैस दूर हो जाती है|

2 अदरक के टुकड़े देसी घी में से कर स्वाद अनुसार सेवन करने से एक गैस दूर हो जाती है

3. सोंठ और सेंधा नमक गिलास में गर्म पानी पानी के साथ लेने से गैस दूर हो जाती है|

4. एक सिका जीरा और एक चम्मच शहद में मिलाकर भोजन के साथ सेवन करने से पेट दर्द राहत मिलता है और गैस खत्म हो जाती है खाना जाता है|

5. धनिया और का काढ़ा बच्चों को पिलाने से पेट दर्द दूर हो जाता है|

6. धनिया एक कप पानी में गर्म करके पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है|

7. तुलसी और अदरक का रस को समान मात्रा में गर्म करके पीने से पेट का दर्द दूर हो जाता है|

8. शहद और तुलसी का रस मिलाकर सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं|

9. एक गिलास पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर पीने से पेट दर्द ठीक हो जाता है|

10. हींग और काली मिर्च समान मात्रा में पीसकर आधा आधा चम्मच सुबह-शाम गर्म पानी में लेने से पेट का दर्द दूर हो जाता है|

11.दो इलायची पीसकर उसने शहद मिलाकर सेवन करने से पेट का दर्द दूर हो जाता है|

12छाछ पीने से भूख से होने वाले पेट दर्द दूर हो जाता है|

13. दो चम्मच नींबू रस और एक चम्मच अदरक का रस लेकर थोड़ी सी शक्कर मिलाकर पीने से पेट दर्द दूर हो जाता है|

14. नींबू रस 12 ग्राम अदरक रस और शहद 6 6 gm मिलाकर पीने से पेट दर्द में लाभ होता है|

15. हींग का सेवन कराने से गर्भाशय का बच्चन होता है मासिक धर्म साफ आता है और स्त्रियों का पेट दर्द दूर होता है|

16. 10 बूंद एक चम्मच पानी में मिलाकर पीने से बदहजमी ,पेट दर्द, गैस दूर हो जाती है|

17. सीकिं हींग, जीरा ,सौंफ, और सेधा नमक मिलाकर चौथाई चम्मच गर्म पानी से सेवन करने से अपच पेट दर्द में लाभ होता है|

18. दानेदार मेथी गर्म पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द होता है|

19. प्याज को गर्म करके रस निकालकर नमक मिलाकर पीने से पेट दर्द दूर हो जाता है|

20. कुछ खाने पीने के बाद पेट दर्द बढ़ जाता है तो शहद का सेवन करते रहने से पेट दर्द कुछ दिन कुछ दिनों बाद दूर हो जाता है|

21.एक कप मूली के रस में नमक और मिर्च मिलाकर पीने से पेट दर्द में लाभ होता है|

22. सौंफ और सेंधा नमक दो चम्मच की मात्रा में गर्म पानी में सेवन करने से पेट दर्द दूर हो जाता है|

23. जायफल 1-2 बूंद तेल शक्कर मैं मिलाकर सेवन करने से अफारा और पेट दर्द लाभ होता है|



सिर दर्द se बचने के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय (Different types of remedies to avoid headache)

October 22, 2019 0

सिर दर्द :-

आजकल सिर दर्द बहुत ही आम हो गया है क्योंकि आजकल की लाइफ विभिन्न प्रकार के के टेंशन होने के कारण हमारे मस्तिष्क पर दुष्ट प्रभाव डालते हैं आजकल की डेली लाइफ में कंप्यूटर कंप्यूटर मोबाइल लैपटॉप ज्यादा यूज करने से विभिन्न प्रकार के सर दर्द होते हैं उन्हें दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार के घरेलू उपाय लेकर आए हैं|


1. अदरक को खूदकर गुड़ मिलाक रस निकाल कर रस की बूंदे नाक में टपकाने से सिर दर्द खत्म हो जाता है|

2. गाजर के 200 ग्राम बंदर का लड़ाई 100 ग्राम और खीरा ककड़ी का रस 25 ग्राम तीनों मिलाकर पीने से सिर दर्द बुखार, दमा में लाभ होता है|

3. हरे कच्चे अमरुद को पत्थर पर पाने के साथ पीसकर सुबह के समय मस्तक के किस स्थान पर दर्द हो लेप करने से आधा दर्द दूर हो जाता है यदि लाभ ना हो तो दूसरे दिन सुबह पुनह यही लिप करें|

4. 10 ग्राम सूखा धनिया, 5 ग्राम गुठली रहित सूखा आंवला रात में मिट्टी के पात्र में भिगोकर, प्रातः काल मिश्री मिलाकर सेवन करने से गर्मी के कारण होने वाला सिर दर्द दूर हो जाता है|

5. 5 बूंद तुलसी का रस और एक चम्मच चीनी पानी मैं मिलाकर पीने से सर चकराना बंद हो जाता है|

6. चौथाई चम्मच तुलसी के पत्तों का चूर्ण शहद के साथ दिन में 2 बार चाटने से से आधे सिर दर्द दूर हो जाता है|



7. छाया में सुखाय तुलसी के पत्तों को पीसकर सूंघने से सिर का दर्द दूर होता है|

8. चुटकी भर पिसा नमक नमक जीभ पर रखकर 10 मिनट बाद एक गिलास ठंडा पानी पीने से सिर दर्द दूर हो जाता है|

9. आंवले का चूर्ण घी और शक्कर कर समान मात्रा में लेकर प्रातः काल सेवन करने से सिर दर्द दूर हो जाता है|

10. इलायची पीसकर सिर पर लेप करने से सिर दर्द दूर हो जाता है इलायची सूंघने पर आने वाली चीजों से मस्तिष्क की पीड़ा दूर हो जाती है|

11. सुबह-शाम देसी घी सुनते रहने से सिर दर्द नहीं होता है|

12. सोते समय पैरों के तलवों पर देसी घी की मालिश करने से सिरदर्द की शिकायत में लाभ होता है|

13. गर्म उबलते पानी में नींबू को निचोड़ कर कुछ दिनों तक पीते रहने से शरीर में शक्ति आती है और नेत्र ऊर्जा ज्योति में वृद्धि होती है और सिर दर्द भी ठीक होता है|

14. चाय में नींबू निचोड़ कर पीने से या निंबू की पत्तियों को कूटकर रस निकालकर सूखने से सिर दर्द में लाभ होता है|

15. हींग पानी में घोलकर सिर दर्द होने पर सिर पर लेप करने से लाभ होता है|

16. लहसुन पीसकर दर्द वाली स्थान पर लेप करने से करने से सिर दर्द दूर हो जाता है|

17. लौंग को पानी में पीसकर थोड़ा सा गर्म करके मस्तक पर लगाने से सिर का दर्द मै लाभ होता है |

18. सहजन के बीज और काली मिर्च का पाउडर सूंघन सिर दर्द दूर हो जाता है|

19. मिश्री और नारियल की सूखी गरी 25 25 ग्राम मिलाकर प्रातः काल से पहले सेवन करने से सिर दर्द होता है|

Sunday, 20 October 2019

गठिया रोग दूर करने के विभिन्न प्रकार के उपाय( Different types of remedies to cure arthritis)

October 20, 2019 0

गठिया रोग:-

गठिया रोग बहुत ही कठिन समस्या है जोकि 50 वर्ष की उम्र से लेकर सभी व्यक्ति यह समस्या देखी जा सकती है इससे बचने के लिए हमें समय-समय पर आयरन धारा कैल्शियम मात्रा हमारे शरीर में होनी चाहिए और हमारे गठिया ऑयल की मात्रा भरपूर मात्रा में होनी चाहिए जिससे हम अच्छे से चल फिर पाते हैं यही देखते हुए हम कुछ घरेलू उपाय लेकर आए हैं सभी लोग के लिए


1.10 ग्राम सोंठ 100 ग्राम पानी में उबालकर ठंडा होने पर सहद या शक्कर साथ सेवन करने से से गठिया रोग में लाभ होता है|

2.एक चुम्मा शॉट और आधा टुकड़ा जायफर दोनों को पीसकर तिल के तेल में मिलाकर इसमें कपड़ा भिगोकर जोड़ों पर पट्टी बांधने से जोड़ों का दर्द दूर हो जाता है|

3. जोड़ों के दर्द में करेले का रस मालिश करने से लाभ होता है|

4. नीम की तेल की मालिश गठिया की सूजन पर मलने से लाभ होता है नीम के पत्ते पानी में उबालकर गठिया की सूजन पर भाप से सीखते तो लाभ होता है गर्म गर्म पत्ते बांधने से लाभ होता है|

5. 1 किलो गरम पानी चार चम्मच नमक डालकर सेकने से से गठिया रोग में लाभ होता है|

6. पेट में कब्ज दबू जाने से गठिया हो जाने पर कैस्टर ऑयल का तेल दूर करने के लिए सेवन बाहर निकल जाता है गठिया दूर हो जाती है|

7. एक गिलास पानी नहीं नींबू निचोड़ कर प्रातः काल सुबह कुछ दिनों पीते रहने से गठिया रोग ठीक हो जाता है जोड़ों पर नींबू का रस मलते ऐसे जोड़ों का दर्द और सूजन ठीक हो जाती है|

8. लहसुन की लुगदी या खीर बना कर 42 दिन तक सेवन करने से गठिया रोग में लाभ होता है लहसुन के तेल की मालिश प्रतिदिन करने से लाभ होता है|

9. तिल के तेल का मालिश करने से या शेक देने से जोड़ों की पीड़ा दूर हो जाती है|

10.गुड में मेथी को पकाकर सेवन करने से गठिया रोग दूर हो जाता है चम्मच दानेदार मेथी रात में एक गिलास पानी में भिगोकर प्रातकाल पानी को हल्का गुनगुना करके सेवन करने से गठिया रोग में लाभ होता है|

11. प्याज का रस और सरसों का तेल मिलाकर मालिश करने से गठिया रोग दूर हो जाता है|

12. गठिया या संधिवात ग्रस्त रोगियों को लंबे समय तक शहद का अधिक सेवन से गठिया मे लाभ होता है , जोड़ों के दर्द लाभ होता है|

13. हल्दी के लड्डू बनाकर खाने से गठिया रोग दूर होता है|

14. आग में आलू भूलकर या शेख कर छिलका उतारकर नमक मिर्च लगाकर सेवन करते रहने से कुछ दिनों में गठिया रोग में लाभ होता है|